मंगलवार 16 जून 2026 - 06:43
इमाम हुसैन (अ) पर रोना गुनाहो की बख्शिश

इमाम रज़ा (अ) एक रिवायत में हज़रत सैय्यद उश शोहदा इमाम हुसैन (अ) पर रोने के महत्व और उसके आध्यात्मिक प्रभावों का जिक्र किया हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام رضا علیه‌السلام:

فَعَلَی مِثْلِ الْحُسَیْنِ فَلْیَبْکِ الْبَاکُونَ، فَإِنَّ الْبُکَاءَ عَلَیْهِ یَحُطُّ الذُّنُوبَ الْعِظَامَ

इमाम रज़ा (अ) ने फ़रमाया:

रोने वालों को हुसैन (अ) जैसी महान हस्ती पर रोना चाहिए, क्योंकि उन पर रोना बड़े-बड़े गुनाहो को ख़त्म कर देता है।

बिहार उल अनवार, भाग 44, पेज 284।

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