हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام رضا علیهالسلام:
فَعَلَی مِثْلِ الْحُسَیْنِ فَلْیَبْکِ الْبَاکُونَ، فَإِنَّ الْبُکَاءَ عَلَیْهِ یَحُطُّ الذُّنُوبَ الْعِظَامَ
इमाम रज़ा (अ) ने फ़रमाया:
रोने वालों को हुसैन (अ) जैसी महान हस्ती पर रोना चाहिए, क्योंकि उन पर रोना बड़े-बड़े गुनाहो को ख़त्म कर देता है।
बिहार उल अनवार, भाग 44, पेज 284।
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